
“अपुर्वः कोऽपि कोशोऽयं विद्यते तव भारति। व्ययतो वृद्धि मायाति क्षयमायाति सञ्चयात्॥”
वेदों धर्म ग्रन्थों में सन्निहित जीवन की इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को देश की वीरांगनाओं में विस्तारित करने का संकल्प लेकर बुन्देलखण्ड के गुरसराय क्षेत्र में समाजवादी विधायक डॉ० राममनोहर लोहिया के नाम से महाविद्यालय की स्थापना की गई। बुन्देलखण्ड के इस अति पिछड़े क्षेत्र की गरीब तहसील के गुरसराय कस्बा में सन् 2010 में समाजवादी विचार धारा के विस्तारक और बालिका शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के अग्रदूत श्री दीप नारायण सिंह (दीपक भैया जी) द्वारा दिनांक 23 मार्च 2010 को भूमि पूजन कर महाविद्यालय की नींव डाली गयी। महारानी लक्ष्मीबाई की कर्मभूमि झाँसी जिले की गरीब तहसील सम्पूर्ण भारत वर्ष के अति पिछड़े क्षेत्रों में से एक है, और इसके पिछड़ेपन का मूलकारण सदियों से शिक्षा का अभाव रहा है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से अब तक बालिकाओं की शिक्षा का इस क्षेत्र शैक्षिक विकास करने के लिये कोई अचूक आवश्यकता नहीं था। मा० दीप नारायण सिंह जी ने शैक्षिक विकास करने के लिये अथक प्रयत्न किये क्योंकि अब तक बालिकाओं की शिक्षा का इस क्षेत्र में कोई बालिका शिक्षण संस्थान न होने के कारण लाखों छात्रायें शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। गरीब क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री दीप नारायण सिंह जी के द्वारा निःशुल्क बालिकाओं को उच्च शिक्षा दिलाने हेतु डॉ० राममनोहर लोहिया महिला महाविद्यालय रगौली रोड, गुरसराय में स्थापित किया गया।
Qualified Teachers
Extra Curricular